BUDGET 2024 : घरेलू बचत और एफ एंड ओ ट्रेडिंग

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Introduction :

BUDGET 2024 को देखें तो भारत के शेयर मार्केट में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। सेंसेक्स 80,000 के आंकड़ों को पार कर चुका है, निफ्टी भी ऑल टाइम हाई पर है। इस बीच, सेबी की चेयरपर्सन माधुरी पुरी बुच ने एक बयान दिया है जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने चिंता जताई है कि फ्यूचर एंड ऑप्शन (एफ एंड ओ) ट्रेडिंग से लोगों की घरेलू बचत सट्टेबाजी में जा रही है।

BUDGET 2024
BUDGET 2024 : घरेलू बचत और एफ एंड ओ ट्रेडिंग की चिंता

BUDGET 2024 को लेकर माधुरी पुरी बुच का बयान

BUDGET 2024 को लेकर माधुरी पुरी बुच ने अपने बयान में दो मुख्या बाते कंही है – घरेलू बचत का सट्टेबाजी में जाना. युवाओं की भागीदारी और प्रभाव।

घरेलू बचत का सट्टेबाजी में जाना

माधुरी पुरी बुच ने कहा है कि एफ एंड ओ ट्रेडिंग घरेलू बचत को सट्टेबाजी की ओर धकेल रही है। उन्होंने इस पर चिंता व्यक्त की है कि लोग शेयर मार्केट में एफ एंड ओ के जरिए ढेर सारा पैसा गवां रहे हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।

युवाओं की भागीदारी और प्रभाव

उनका कहना है कि युवा इस कारोबार में ढेर सारा पैसा कमा रहे हैं, लेकिन इसके चलते उनकी घरेलू बचत पूंजी निर्माण में इस्तेमाल नहीं हो पा रही है। यह देश की आर्थिक स्थिरता के लिए हानिकारक हो सकता है।

एफ एंड ओ ट्रेडिंग क्या है?

निचे दर्शाए गए तथ्यों से आपको यह ज्ञात हो जयेगा की एफ एंड ओ ट्रेडिंग क्या है?

डेरिवेटिव मार्केट का हिस्सा

एफ एंड ओ ट्रेडिंग डेरिवेटिव मार्केट का हिस्सा है। डेरिवेटिव्स एक प्रकार के फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट होते हैं जिनकी वैल्यू किसी अन्य एसेट से डिराइव होती है।

फ्यूचर और ऑप्शन की परिभाषा

फ्यूचर और ऑप्शन, डेरिवेटिव्स के दो प्रमुख प्रकार हैं। इनकी वैल्यू स्टॉक या इंडेक्स की वैल्यू के आधार पर तय होती है।

एफ एंड ओ ट्रेडिंग कैसे होती है?

निचे दर्शाए गए तथ्यों से आपको यह ज्ञात हो जयेगा की एफ एंड ओ ट्रेडिंग कैसे होती है?

फ्यूचर ट्रेडिंग

फ्यूचर ट्रेडिंग के तहत, आप भविष्य की किसी कीमत पर आज ही ट्रेडिंग करते हैं। इसमें आप भविष्य की कीमत पर शेयर खरीदने की डील करते हैं।

ऑप्शन ट्रेडिंग

ऑप्शन ट्रेडिंग में, आप किसी निश्चित अवधि के भीतर किसी विशेष कीमत पर शेयर खरीदने या बेचने का अधिकार प्राप्त करते हैं, लेकिन यह बाध्यता नहीं होती।

एफ एंड ओ ट्रेडिंग में निवेशकों की समस्या

एफ एंड ओ ट्रेडिंग में निवेशकों की होने वाली समस्या का वर्णन किया गया है।

सेबी की रिसर्च

सेबी की एक रिसर्च के अनुसार, निवेशक एफ एंड ओ सेगमेंट में 10 में से 9 ट्रेड्स में नुकसान उठाते हैं। वित्त वर्ष 2022 में, एफ एंड ओ सेगमेंट में 89% इंडिविजुअल ट्रेडर्स को घाटा हुआ था।

वित्त वर्ष 2022 के आंकड़े

सेबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2022 में औसतन प्रत्येक ट्रेडर को 1.1 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। यह स्थिति चिंताजनक है और इसे बदलने की जरूरत है।

वित्त मंत्रालय और सेबी के प्रयास

निवेशकों को बचाने के प्रयास

सेबी और वित्त मंत्रालय निवेशकों को एफ एंड ओ से दूर रखने के लिए कई प्रयास कर रहे हैं। यह स्थिति आरबीआई और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है।

संभावित बदलाव

वित्त मंत्रालय एफ एंड ओ सेगमेंट में बदलाव लाने पर विचार कर रहा है। इसमें टैक्स बढ़ाना और इसे स्पेक्युलेटिव इनकम के रूप में मानना शामिल हो सकता है।

रिटेल निवेशक और एफ एंड ओ ट्रेडिंग

बीटेक छात्र का उदाहरण

एक बीटेक छात्र ने एफ एंड ओ ट्रेडिंग में दो सालों में लाखों रुपये गवां दिए। उसने पर्सनल लोन और दोस्तों से पैसे उधार लेकर ट्रेडिंग की थी।

बढ़ते नुकसान और कर्ज

ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जहां लोग ट्रेडिंग में अपना सारा पैसा गवां रहे हैं और कर्ज में डूब रहे हैं। यह स्थिति चिंताजनक है और इसमें सुधार की जरूरत है।

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BUDGET 2024 को लेकर आरबीआई और अन्य संस्थानों की चिंता

शक्तिकांत दास का बयान

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि ऑप्शन एंड फ्यूचर वॉल्यूम देश की जीडीपी से भी ज्यादा हो गए हैं। यह चिंता का विषय है क्योंकि बाजार में भारी गिरावट आने पर निवेशकों के पैसे डूब सकते हैं।

जीडीपी और बाजार की स्थिरता

अगर बाजार में गिरावट आई तो यह निवेशकों के पैसे के साथ-साथ निवेश के माहौल को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, एफ एंड ओ ट्रेडिंग पर नियंत्रण जरूरी है।

एफ एंड ओ इनकम पर टैक्स के मुद्दे

लॉटरी और क्रिप्टो के साथ तुलना

सरकार एफ एंड ओ इनकम को लॉटरी या क्रिप्टोकरेंसी से कमाई मानने का प्रस्ताव ला सकती है। इससे इस पर टैक्स बढ़ाया जा सकता है।

स्पेक्युलेटिव इनकम और टीडीएस

एफ एंड ओ ट्रांजैक्शंस को स्पेक्युलेटिव इनकम में डाला जा सकता है और इन पर टीडीएस भी लगाया जा सकता है।

Budget 2024 की मुख्य बातें

Budget 2024 में महंगाई और ईंधन की कीमतें अथवा जीडीपी ग्रोथ और आर्थिक रिकवरी को लेकर कुछ मुख्य बातें कंही गई है जो की निचे दर्शया गया है।

महंगाई और ईंधन की कीमतें

आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि देश में महंगाई काबू में है और एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की गई है।

जीडीपी ग्रोथ और आर्थिक रिकवरी

सर्वे में भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.5% से 7% रखा गया है और यह भी बताया गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से रिकवर हो रही है।

फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग का आर्थिक प्रभाव

सरकार का नजरिया

सरकार का कहना है कि एफ एंड ओ ट्रेडिंग का भारत जैसे विकासशील देश में कोई स्थान नहीं है। यह अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकता है।

इकोनॉमिक सर्वे का निष्कर्ष

इकोनॉमिक सर्वे में भी इस तरह की स्पेक्युलेटिव ट्रेडिंग को लेकर चिंता जताई गई है और इसे आर्थिक स्थिरता के लिए हानिकारक माना गया है।

निष्कर्ष

एफ एंड ओ ट्रेडिंग में निवेशकों को हो रहे नुकसान और इसके घरेलू बचत पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए सेबी की चेयरपर्सन माधुरी पुरी बुच का बयान एक चेतावनी है। निवेशकों को इस क्षेत्र में सतर्कता बरतनी चाहिए और अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। वित्त मंत्रालय और सेबी को भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने चाहिए ताकि देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा जा सके।

एफ एंड ओ ट्रेडिंग क्या है?

Ans. एफ एंड ओ ट्रेडिंग डेरिवेटिव मार्केट का हिस्सा है जिसमें फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग शामिल हैं।

सेबी की चेयरपर्सन का बयान क्यों महत्वपूर्ण है?

उन्होंने चिंता जताई है कि एफ एंड ओ ट्रेडिंग घरेलू बचत को सट्टेबाजी की ओर धकेल रही है, जो आर्थिक स्थिरता के लिए हानिकारक हो सकता है।

एफ एंड ओ ट्रेडिंग में निवेशकों को क्यों नुकसान हो रहा है?

सेबी की रिसर्च के अनुसार, 10 में से 9 ट्रेड्स में नुकसान होता है और वित्त वर्ष 2022 में औसतन प्रत्येक ट्रेडर को 1.1 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

एफ एंड ओ इनकम पर टैक्स के क्या मुद्दे हैं?

सरकार एफ एंड ओ इनकम को लॉटरी या क्रिप्टोकरेंसी से कमाई मानने का प्रस्ताव ला सकती है, जिससे इस पर टैक्स बढ़ाया जा सकता है।

Budget 2024 की मुख्य बातें क्या हैं?

महंगाई काबू में है, ईंधन की कीमतों में कटौती की गई है, और भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.5% से 7% रखा गया है।
 


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